तेजस्वी यादव को शीशे घर में रह कर दूसरों पर पत्थरबाजी नहीं करनी चाहिए: सुशील मोदी
पटना
बिहार विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नीतीश सरकार के मंत्री पर तेजस्वी के बयान के बाद घमासान मचा हुआ है। सत्तापक्ष के सारे नेता तेजस्वी के खिलाफ उतर गए हैं। इस बीच भाजपा के राज्य सभा सांसद ने भी तेजस्वी को घेरा। उन्होंने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि शीशे के घर में रहकर दूसरों पर पत्थरबाजी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने ट्वीट करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को अपने पिता लालू प्रसाद से पूछना चाहिए कि उन्होंने कैसे-कैसे मंत्री बनवाये थे। राजद बताये कि पिछली विधानसभा में पहली बार विधायक बनने वाले आठवीं और इंटर पास लोगों को तीन-तीन विभागों का कैबिनेट मंत्री कैसे बनवाया गया था। मोदी ने कहा कि वे बताएं कि 1997 में उनकी पार्टी ने कई योग्य लोगों के रहते हुए एक ऐसी घरेलू महिला को मुख्यमंत्री क्यों बनवाया, जो अधिकारियों की हिंदी-अंग्रेजी में लिखी फाइल को न पढ़ सकती थीं, न समझ सकती थीं। तेजस्वी यादव को शीशे के घर में रहकर दूसरों पर पत्थरबाजी नहीं करनी चाहिए।
वे बतायें कि 1997 में उनकी पार्टी ने कई योग्य लोगों के रहते हुए एक ऐसी घरेलू महिला को मुख्यमंत्री क्यों बनवाया था, जो अधिकारियों की हिंदी-अंग्रेजी में लिखी फाइल को न पढ़ सकती थीं, न समझ सकती थीं? किसी व्यक्ति को मंत्री बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय और संबंधित व्यक्ति की योग्यता पर सवाल उठा कर विपक्ष के नेता ने फिर अपनी अपरिपक्वता और अपात्रता प्रकट की। उन्होंने सरकार से एक सवाल पूछ कर सौ सवाल अपने ही दल की ओर खड़े कर दिए।

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